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"सम-विषम नहीं,सहकारिता चाहिए "

Posted On: 7 Jan, 2016 Others में

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पूरे विश्व के वातावरण पर बढ़ते हुए प्रूदूषण के खतरे के आगे, देश की राजधानी में जो इन दिनों नया प्रयोग चल रहा है ,उससे लाभ कम और नुक्सान अधिक है,हाँ ,मुख्यमंत्री का बच्चों एक नाम पत्र पूरी तरह से सच्चा और अच्छा था ,पर इस सम -विषम से प्रदूषण पर नियंत्रण होगा ,यह सोचना ,महज़ एक मानसिक दिवालियापन है ,इस देश में कइयों के पास दो गाड़ी हैं -एक सम ,एक विषम और बहुतों के पास अनेक गाड़ी हैं ,सम विषम तो क्या ,अंत में ० से ९ अंक तक कोई भी गाड़ी लेकर चलेंगे |
पर इन सबके के बीच ,जो रास्ता न्यायाधीशों द्वारा अपनाया गया ,वह अनुकरणीय एवं सर्वश्रेष्ठ है ,ऐसा भी कहा जा सकता है -यही करने के लिए तो सम -विषम लागू किया गया ,पर बहुत से लोग कानून का दुरपयोग करते हुए भी पकडे गए ,कुछ ने गाड़ी की नंबर प्लेट चेंज कर ली |
आज समय की मांग है -सहकारिता ,सबकी भागीदारी ,इसी में सबकी समझदारी है |
अतः समाज के लोग ,अपने आसपास अपने जैसे लोगों का समूह बनाये ,जिस गाड़ी में ८-१० अथवा ४-६ लोगों की बैठने की जगह हो ,उसमे अकेले बैठकर सड़कों पर मत घूमे |
मेरु कैब वालों का एक सॉफ्टवेयर है ,जिससे घर बैठा व्यक्ति भी गाड़ी की लोकेशन जान सकता है ,उसे वाहनो में लगाये | देश की नारी शक्ति भी इस कार्य को करने के लिए एक जुट हो सकती है | अपने सहकर्मियों को जो आप के आसपास रहते हों -उनके साथ एक ही गाड़ी में ऑफिस जाएँ ,यदि ऑफिस का टाइम १-२ घंटे कम ज्यादा है ,तो उसे harmonize करें |
कुछ कम्पनीज को भी अपनी बस सेवा शुरू करनी चाहिए -जैसे की स्कूल बस,उसे भी वह hire कर सकते हैं ,क्यूंकि स्कूल और ऑफिस की टाइमिंग में कुछ अंतराल होता है | अर्थात यदि एक ऑफिस में १०० व्यक्ति, १०० (अपनी) गाड़ी से आते हैं ,तो बेहतर है -वह सब एक अथवा २ बस से आये -जाएँ |
अंत में सब प्रभु इच्छा , नियति हमेशा परिवर्तन के लिए आतुर है ,यदि हम नहीं बदले ,तो नियति हमें बदल देगी |

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9 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
January 7, 2016

श्री दूबे जी सही लिखा है आपने जब तक हममें प्रदुषण कम करने की इच्छा शक्ति नहीं होगी कुछ नहीं होगा दिल्ली में लालबत्ती पर गाड़ियों की लम्बी कतार होती है हर गाड़ी में अधिकतर एक व्यक्ति चलाता दिखाई देता है जबकि मेट्रो सिस्टम बहुत अच्छा है |

deepak pande के द्वारा
January 9, 2016

काम शब्दों में उचित उपाय प्रस्तुत किये हैं आदरणीय दुबे जी इन उपायों से आपसी सम्बन्ध भी अच्छे होंगे जिनका मेट्रो शहरों में abhav होता जा रहा है

pkdubey के द्वारा
January 9, 2016

sadar sadhuvaad aadarneeyaa.

pkdubey के द्वारा
January 9, 2016

SADAR SADHUVAAD AADARNEEY,NAV VARSH KEE MANGALKAMNAA KE SATH.

jlsingh के द्वारा
January 10, 2016

बहुत ही अच्छे अच्छे सुझाव प्रस्तुत किये हैं आपने दूबे जी, यह सब सुझाव मोदी जी की तरफ से आते तो ज्यादा मान्य होता …मेरे ख्याल से अगले मन की बात में उन्हें इस विषय पर भी बोलना चाहिए.. सादर!

pkdubey के द्वारा
January 11, 2016

sadar saduvaad aadarneey.

Shirl के द्वारा
July 11, 2016

Sapaiamr;Mik&, ti`am urmat sfatul.. mi`a mai spus si Teo ca are probleme in vizualizarea blogului meu.. Si am constatat si eu ca merge mai greu pe internet explorer.. Nu stiu care o fi cauza.. pana una alta il las mai dezbracat! :) Te pup si`ti multumesc!


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