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"योगी आदित्यनाथ और यासीन मलिक"

Posted On: 6 Sep, 2014 Others,social issues में

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“आप की अदालत” में आने वाले हर सख्स के केस की स्टडी मैं भी कर ही लेता हूँ ,अभी फिलहाल शत्रुघन सिन्हा,यासीन मलिक और योगी आदित्यनाथ को मैंने सुना और हमारे अनेक रीडर्स ने भी अवश्य ही उन्हें सुना होगा,ऐसा मुझे विश्वास है |
अतः थोड़ी सी समीक्षा लिख रहा हूँ मैं -
यासीन मलिक ने जब भी पाकिस्तान के अपने आकाओं का नाम लिया,तब साहब,जी आदि सम्बोधन का उपयोग किया और जब महात्मा का नाम लिया,तब सीधा -सीधा गांधी,यहीं से इंसान की असली सोच पता चलती है और शायद भारतीय मीडिया ने उस पर कोई चर्चा भी नहीं की |
पर जब योगी आदित्यनाथ का इंटरव्यू आया,तो देश में तहलका मच गया,जैसे उन्होंने भारतीय राजनीति में कोई सुनामी ला दिया हो,रजत शर्मा जी कह रहे थे -महात्मा गांधी जी ने कहा,कोई तुम्हारे एक गाल पर तमाचा मारे,तो दूसरा भी उसकी तरफ कर दो|
मुझे इसके आगे भी कुछ कहना है ,जो गांधी जी नहीं कह पाये -समझदार होगा,तो दूसरा तमाचा नहीं मारेगा और यदि वेवकूफ होगा तो पुनः वार कर देगा,पर यदि दूसरा तमाचा मारे,तो सामने वाले को अपने दोनों हाथों से कम से कम उसके मुँह पर १० तमाचे मारने चाहिए,जिससे दूसरा इंसान कभी भी किसी के ऊपर हाथ उठाने से पहले १०० बार सोचे |
“सर्वे भवन्तु सुखिनः” का सन्देश देने वाले राष्ट्र में जब अलग -अलग कायदा आने लगे,तब बहुसंख्यक समाज को हमेशा जागरूक रहने की आवश्यकता है,१२५ करोड़ के देश में १०० करोड़ सैनिक हों,तो किसी भी खूँखार अपराधी में इतनी जुर्रत नहीं,कि वह इस देश को तिरछी नज़र से भी देख सके|
आज मुझे लगता है देश के हर घर को एक योगी की आवश्यकता है|
“जय हिन्द ,जय भारत”



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8 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
September 6, 2014

दुबेजी आपकी बात से मेरा मन ही नहीं आत्मा खुश हो गई धन्यवाद डॉ शोभा

deepak pande के द्वारा
September 7, 2014

मुझे इसके आगे भी कुछ कहना है ,जो गांधी जी नहीं कह पाये -समझदार होगा,तो दूसरा तमाचा नहीं मारेगा और यदि वेवकूफ होगा तो पुनः वार कर देगा,पर यदि दूसरा तमाचा मारे,तो सामने वाले को अपने दोनों हाथों से कम से कम उसके मुँह पर १० तमाचे मारने चाहिए,जिससे दूसरा इंसान कभी भी किसी के ऊपर हाथ उठाने से पहले १०० बार स एकदम सही सोच

kavita1980 के द्वारा
September 7, 2014

सत्य वचन  दुबे जी लेकिन १२५ करोण में अगर १०० करोण सैनिक चाहिए तो हर घर को देश के प्रति अपने कर्तव्य का एहसास होना चाहिए आने वाले संकट की आहट एकदम स्पष्ट है मोदी जी के प्रधानमन्त्री बनाते ही सारे देशद्रोहियों के चेहरों पर पड़े धर्म निरपेक्षता के नकाब उतरने लगे हैं -सावधान रहना और आँखें खुली रखना  वक़्त की ज़रुरत है

pkdubey के द्वारा
September 8, 2014

sadar sadhuvaad aadarneeyaaa.mera lekhan aur main kratarth huaa.

pkdubey के द्वारा
September 8, 2014

sadar saduvaad sir. apne se kamjor insaan ko hee samaj dabaataa hai, atyachar kaa prarambh me hee pratikaar kar denaa parmavshyak hai.nahee to marne valaa doosraa kyaa,teesraa -chautha mee tamachaa marta rhegaa.

pkdubey के द्वारा
September 8, 2014

aapatikriyaa bhut kuchh kahtee hai aadarneey,jiske liye prtyek nagrik kaa satkarm,siksha aur samarpan atiaavshyak hai.

Sushma Gupta के द्वारा
September 8, 2014

आपकी बात में सारयुक्त सत्य है…सार्थक आलेख हेतु वधाई..दूबे जी…

pkdubey के द्वारा
September 9, 2014

sadar sadhuvaad aadarneeyaaa.


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