SUBODHA

Just another Jagranjunction Blogs weblog

241 Posts

2221 comments

Reader Blogs are not moderated, Jagran is not responsible for the views, opinions and content posted by the readers.
blogid : 18093 postid : 766055

"क्या एक अबला भी रेप कर सकती है?"

Posted On: 24 Jul, 2014 Others,social issues में

  • SocialTwist Tell-a-Friend

अवश्य,क्यों नहीं,तुलसी के शब्दों में – “का न करै अबला प्रबल” अर्थात प्रबल अबला क्या नहीं कर सकती (सब कुछ कर सकती) |
जीव के मन में एक आकर्षण का बहुत बड़ा फ़ोर्स है,जीव में ही क्या,ब्रह्माण्ड और प्रकर्ति में ही विद्धमान है ,तो जीव के ऊपर तो उसका असर होगा ही | किसी में यह गूढ़ रह सकता है और किसी में प्रकट |
नारी आज के आधुनिक युग में ही नहीं,पुराने समय की कई बुजुर्ग महिलाओं को मैंने बीड़ी पीते,भद्दी गलियां देते ( गालियां,अच्छी और सुन्दर भी होती हैं ,जो विवाह के समय,रात्रि भोज के दौरान वर पक्ष के लोगों को,कन्या पक्ष की महिलाओ के द्वारा दी जाती हैं ) देखा और सुना है| अनेक चोर और डकैत की सरदारिन भी ,नारियां होती हैं,अनेक उदाहरण हमारे इतिहास में हैं | नारियां,अपने पति,बच्चों का मर्डर करवाकर किसी के साथ पलायन भी कर सकती हैं,आये दिन ऐसी ख़बरें,पढ़ने को मिलती हैं | तो अवश्य ही नारी,बलात्कार भी कर सकती है,भले ही वह जग -जाहिर न हो सके|
विपरीत लिंग के प्रति एक स्वाभाविक और जन्मजात आकर्षण ही,सेक्स से सम्बंधित जघन्य अपराधों की मूल वजह है | अब आकर्षण तो खत्म नहीं किया जा सकता,पर एक मर्यादा का पालन अवश्य किया जा सकता है | मैंने,लगभग २-३ साल की नन्हीं बच्ची को अपने १ वर्षीय या उससे भी कुछ कम उम्र के भाई के लिंग के ऊपर ,अंगुली फेरते देखा | भला उस उम्र में,उसे क्या मालूम सेक्स क्या बला है ,पर शारीरिक भिन्नता का बोध शायद उसे भी है |
मैं पवनहंस हेलीकॉप्टर्स लिमिटेड ,जुहू ,मुंबई में अपरेंटिस करता था,हमारे सीनियर सर और दो -तीन साथी ,लंच के समय विश्राम कक्ष में बैठे हुए थे,तो कुछ लड़कियों और उनकी आदतों पर चर्चा चल रही थी | मैं चुपचाप ध्यान से बिना कुछ बोले हुए सुन रहा था,यह आदत मेरे खून में है | मैंने बाद में धीरे से बोला,सर कोई -कोई लड़की भी बड़ा danger होती है | तब उन्होंने एक सच्ची घटना सुनायी-
एक अमीर अबला,रिक्शे पर बैठ कर अपने घर लौटी | रिक्शे से उतरकर,चालक से बोली पैसे ऊपर कमरे में आकर ले लो | रिक्शा चालक ऊपर गया,तो अंदर कमरे में लेकर उसे बंद कर लिया | वह गिड़गिड़ाकर अपने पैसे और इज़्ज़त की भीख मांगता रहा,पर उस अबला के सामने उसकी एक न चली,अंततः अपनी इज़्ज़त लुटवाकर और शारीरिक क्षमता का ह्रास करके,महिला द्वारा प्रद्दत धन राशि पुरस्कार के रूप में लेकर अधमरा होकर रिक्शा पर आकर पुनः माथा पटक कर लम्बी -लम्बी सांसे खीचते हुए विश्रामानुभूति करने लगा |



Tags:

Rate this Article:

1 Star2 Stars3 Stars4 Stars5 Stars (No Ratings Yet)
Loading ... Loading ...

0 प्रतिक्रिया

  • SocialTwist Tell-a-Friend

Post a Comment

CAPTCHA Image
*

Reset

नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments


topic of the week



अन्य ब्लॉग

latest from jagran